प्रस्तावना

कृषि विद्यापीठ की स्थापना इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में वर्ष 2005 में हुई थी, जिसका लक्ष्य है ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को भविष्य के उच्च-स्तरीय कृषि उद्यमियों एवं कृषि व्यापार प्रबंधकों में अग्रदूत की भूमिका का निर्वहन करने हेतु प्रयत्नशील होना। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से कृषि शिक्षा का प्रभाव नए उद्यमियों की पीढ़ी के विकास, रोज़गार के बढ़े हुए अवसरों, अधिक आय एवं बेहतर कार्य परिवेश में सहायक होगा।

इससे निर्धनता उन्मूलन एवं जीवनयापन सुरक्षा तथा जीवन की गुणवत्ता में बदलाव के लिए स्थायी उत्पादकता सुनिश्चित होगी विशेषत: ग्रामीण क्षेत्रों में। कृषि अध्ययन विद्यापीठ निम्न मिशन, दृष्टि, ध्येय एवं उद्देश्यों के साथ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कृषि में शैक्षिक एवं विस्तार गतिविधियों पर ध्यान दे रही है:

ध्येय

मानव जीवन की उत्पादकता, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की गुणवत्ता को मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बेहतर करना एवं उन्हें बेहतर बनाए रखना

दृष्टि

मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा एवं परम्परागत प्रणाली को मिलाकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के माध्यम से कृषि शिक्षा की बाह्य पहुँच को और विस्तारित करना

लक्ष्य