प्रस्तावना

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का ध्यान मुख्यतः: अपने हर कार्यक्रम में अभिनवता, लचीलापन और लागत प्रभाविता पर रहा है। विश्वविद्यालय ने उन अनुशासन और विषय क्षेत्रों को पहचानना आरम्भ कर दिया है जिनके लिए प्रथम प्रयास में ही दूरस्थ शिक्षण कार्यक्रम आरम्भ किए गए थे।

अभियंत्रण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को कामगारों की पुन:प्रशिक्षण की आवश्यकताओं एवं निरंतर शिक्षा की भारती उभरती हुई आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आरंभिक वर्षों में ही पहचाना गया था। इस प्रकार अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ वर्ष 1987 में अस्तित्व में आया जिसका मुख्य उद्देश्य था देश में निरंतर एवं विस्तार शिक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति करना।

इस विद्यापीठ के लक्ष्य हैं:

समाज के वंचित और अधिक दुर्बल वर्ग के लिए अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में विस्तार शिक्षा कार्यक्रमों का आयोजन करना

इग्नू-डीजीएस के बीएनएस कार्यक्रम में पुन: प्रवेश के संबंध में सूचना