प्रस्तावना

जेंडर एवं विकास अध्ययन विद्यापीठ की स्थापना वर्ष 2007 में जेंडर एवं विकास अध्ययनों एवं महिला एवं जेंडर अध्ययनों के क्षेत्रों में कार्यक्रमों को आरम्भ करने एवं विकास करने के माध्यम से जेंडर न्याय एवं समता को प्राप्त करने के उद्देश्य से की गयी थी। अपने शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से, यह विद्यापीठ अवधारणात्मक, विश्लेषणात्मक एवं लैंगिक परिस्थिति की महत्वपूर्ण समझ को एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तनों को लाने के प्रयास के लिए प्रोत्साहित करती है। यह विद्यापीठ विद्यमान जेंडर भेदभाव का अध्यरयन करती है और लैंगिक असमानता के मुद्दे का हल जेंडर समानता और सामाजिक न्याय लाने के व्यक्तिगत एवं संस्थागत प्रयासों को मजबूत करने के लक्ष्यों के साथ करती है।

विद्यापीठ द्वारा प्रस्तावित गतिविधियाँ हैं:

वर्तमान में दो विस्तृत विषय धाराओं में कार्यक्रम प्रदान किए जा रहे हैं: जेंडर एवं विकास अध्ययन और महिला और जेंडर अध्ययन! इन वृहद धाराओं के अंतर्गत अन्य मुख्य क्षेत्र हैं: महिलाओं का अध्ययन, साहित्य, संस्कृति, विधि, विज्ञान एवं कृषि आदि।

विद्यापीठ ने स्वयं का विकास ज्ञान निर्माण, ज्ञान प्रसार, आलोचनात्मक सोच, शोध, प्रशिक्षण, संवेदीकरण एवं परामर्श पर ध्यान केन्द्रित कर एक निष्पक्ष एवं समतामूलक समाज की स्थापना करने के लिए किया है। इसलिए विद्यापीठ ने प्रासंगिक पाठ्यक्रमों एवं कई अन्य बौद्धिक गतिविधियों को आयोजित करना चाहता है। विद्यापीठ अपने भविष्य को महान अपेक्षाओं के साथ संजोया है और यह एक ऐसा समाज प्राप्त करने के लिए कार्य कर रहा है, जहाँ सभी जेंडर वर्गों को आत्मविकास की अपेक्षाओं को हासिल करने के अवसर प्राप्त हो सकें।

यह विद्यापीठ महिला एवं जेंडर अध्ययन एवं जेंडर एवं विकास अध्ययनों के क्षेत्रों में शोध, शिक्षण, प्रशिक्षण एवं परामर्श में प्रमुख नए कदम उठाती है।