प्रस्तावना

अंतर्विद्यालयी और बहु-विद्यालयी विद्यापीठ की स्थापना 2007 में की गई थी, जिसका उद्देश्य शैक्षिक कार्यक्रमों को विकसित करना और समकालीन प्रासंगिक क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देना था, जिन्हें एक अनुशासनात्मक ढाँचे के अंदर समाहित नहीं किया जा सकता था और इसलिए यह एक अंतर विषय और परा अनुशासनात्मक व्यकवहार की अपेक्षा थी। तदनुसार, विद्यापीठ :

विद्यापीठ समय-समय पर प्राथमिकता वाले ‘अध्ययन के क्षेत्रों’ के आसपास अपनी गतिविधियों की योजना बनाता है। यह विशेष रूप से विद्यापीठ के अंतर और पराअनुशासनात्मक चरित्र को बनाए रखने के लिए प्रयास करता है। विद्यापीठ के
दृष्टि एवं ध्येय के अनुसार, विद्यापीठ में वर्तमान में प्राथमिकता वाले क्षेत्र निम्नलिखित हैं :