प्रस्तावना

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विज्ञान विद्यापीठ ने 1986 में चार विज्ञान विषयों, अर्थात भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीवन विज्ञान में अच्छी गुणवत्ता पूर्ण सैद्धांतिक और व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने की चुनौती के साथ काम करना शुरू किया।

दिसंबर, 1991 में, विद्यापीठ ने देश में अपनी तरह का बैचलर ऑफ साइंस (विज्ञान स्नातक) प्रोग्राम शुरू किया, जिसमें दूरस्थ और मुक्त शिक्षा के माध्यम से विज्ञान में सिद्धांत और प्रयोगशाला पाठ्यक्रमों का शिक्षण समाविष्टछ था।

कार्यक्रम को शुरू में बी.एससी. (सामान्य) की डिग्री हेतु डिजाइन (अभिकल्पित) किया गया, लेकिन बाद में उन्नमत किया गया और बी.एससी. (मेजर) की डिग्री के साथ बॉटनी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स, फिजिक्स और जूलॉजी कार्यक्रम में निर्मित किया गया। कंप्यूटर विज्ञान में अनुप्रयोग के साथ गणित में मास्टर कार्यक्रम [M.Sc. (एम.एस.सी.)] वर्ष 2008 में शुरू किया गया था। विद्यापीठ व्याावसायिक और कौशल विकास के लिए कई विशिष्टं कार्यक्रम प्रदान करता है जैसे कि पी.जी. डिप्लोमा इन एनालिटिकल कैमिस्ट्री (पी.जी.डी.ए.सी.), डिप्लोमा इन एक्वाकल्चर (डीएक्यू), सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन टीचिंग ऑफ प्राइमरी मैथ्स (सी.टी.पी.एम.), सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन लेबोरेटरी टेक्निक्स (सी.पी.एल.टी.) के साथ-साथ एक सामान्य जागरूकता कार्यक्रम और एक पाठ्यक्रम अर्थात्, पी.जी. डिप्लोमा इन एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (पी.जी.डी.ई.एस.डी.) और एप्रिसिएशन कोर्स ऑन एनवायरनमेंट (ए.सी.ई.)। डॉक्टरल कार्यक्रम रसायन विज्ञान, जीवन विज्ञान, गणित और भौतिकी के अनुशासन में प्रदान किए गए थे। वर्ष 2009 में, विद्यापीठ में चार नए विषयों को जोड़ा गया, अर्थात्, भूगोल, भूविज्ञान, जैव रसायन और सांख्यिकी अब डॉक्टरेट कार्यक्रम भ्ज्ञीय इन विषयों में प्रदान किया जाता है।

विद्यापीठ ने पर्यावरण अध्ययन (सी.ई.एस.) में सर्टिफिकेट प्रोग्राम और अध्या पकों के व्यावसायिक विकास में स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र (पी.जी.सी.पी.डी.टी.) शुरू करने में सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ और शिक्षा विद्यापीठ के साथ सहयोग किया है। विद्यापीठ द्वारा तैयार किए गए कुछ पाठ्यक्रमों में पी.जी.डी.आई.पी.आर., बी.पी.पी., बी.ए., बी.कॉम., बी.सी.ए., बी.एससी. (नर्सिंग), बी.टी.एस. और एम.सी.ए. कार्यक्रम हैं।

विद्यापीठ के निम्नलिखित कार्य हैं :

क) प्रमाण पत्र, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर, पी.एचडी. और जागरूकता के स्तर पर शैक्षणिक कार्यक्रमों की योजना, विकास और प्रस्ताव।

ख) अनुशासन-आधारित और प्रणालीगत क्षेत्रों में अनुसंधान को प्रोत्साहित करना।

ग) विश्वविद्यालय के अन्य विद्यापीठों द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रमों / पाठ्यक्रमों के विकास में सहयोग करना।

घ ) विद्यापीठ में विकसित मुद्रित पाठ्य सामग्री ।

ङ) इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और आईसीटी साधनों का उपयोग करके शिक्षार्थियों को सहायता प्रदान करना ।

च) छात्र सहायता सेवाओं के विकास और अनुवीक्षण में भाग लेना।

छ) राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा प्रायोजित व्यक्तियों को प्रशिक्षण संगठनों के लिए परामर्श प्रदान करना।

ज) विज्ञान पाठ्यक्रम आदान-प्रदान में सुधार के दृष्टिगत राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा प्रायोजित पाठ्यक्रमों, सम्मेलनों और सेमिनारों में भाग लेना

स्व-अनुदेशात्मक अध्ययन सामग्री का विकास

विद्यापीठ ने अब तक 100 से अधिक पाठ्यक्रम विकसित किए हैं, जिनमें से 16 पाठ्यक्रम एम.एससी., बी.एससी. में 63 पाठ्यक्रम, अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यमों में कार्यक्रम, पी.जी.डी.ई.एस.डी. में 8 पाठ्यक्रम, पी.जी.डी.ए.सी. में 8 पाठ्यक्रम, डी.ए.क्यूं. में 6 पाठ्यक्रम, सी.पी.एल.टी. में 4 पाठ्यक्रम, सी.टी.पी.एम. में 2 पाठ्यक्रम और पर्यावरण पर आधार पाठ्यक्रम में 1 पाठ्यक्रम है। एम.एससी. एम.ए.सी.एस., बी.एससी., पी.जी.डी.ए.सी., डी.ए.क्यू6. और सी.पी.एल.टी. कार्यक्रमों के प्रायोगिक घटक नवोन्मेरषी रूप से डिजाइन किए गए प्रयोगशाला पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रदान किए जाते हैं।

विद्यापीठ निम्नलिखित कार्यक्रम प्रदान करता है :

डॉक्टरल डिग्री (विवरण के लिए यहां क्लिक करें)

स्नातकोत्तर उपाधि

स्नातक की डिग्री

पीजी और एडवांस डिप्लोमा

पीजी और एडवांस सर्टिफिकेट

डिप्लोमा

प्रमाणपत्र

एप्रीसिएशन कार्यक्रम